Principal's Message

शासन की मंशा के अनुरूप चूंकि प्राचार्य प्रशासनिक प्रमुख होने के अलावा मूलतः शिक्षक होता है अतः उसे स्वयं कक्षाएं लेकर पठन-पाठनको प्रोत्साहित करना चाहिए। हमने लगातार बखूबी यही कार्य किया। कला, विज्ञान, गृह विज्ञान और वाणिज्य में पर्यावरण तथा कला स्नातक प्रथम, द्वितीय और तृतीय कक्षाओं में संस्कृत का अध्यापन किया। चूँकि युवाशक्ति कक्षाओं के अंदर ऊर्जा के रचनात्मक उपयोग में व्यस्त रही, इसलिए कॉलेज परिसर में अनुशासनहीनता नहीं फाटक पायी। प्राचार्य द्वारा शैक्षणिक स्टाफ के समक्ष समय पर आने, पूरे समय तक कॉलेज में रहने तथा स्वयं कक्षाएं भी लेने से जो उदाहरण प्रस्तुत किये, उनसे यह तथ्य पुनः उभर कर सामने आये कि कक्षाएं नियमित ठीक से चलें तो अन्य समस्यायें या अव्यवस्थायें स्वतः समाप्त हो जाती है। संस्था के सुव्यवस्थित संचालन में यह प्रक्रिया बड़ी सहायक सिद्ध हुई है। पूरे स्टाफ के सहयोग से सकारात्मक वातावरण बना है।


डॉ. मनोहर पटेल 
शासकीय  महाविद्यालय घरघोड़ा
प्राचार्य



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